शब्द-विचार (Shabd Vichar): हिंदी व्याकरण का आधारस्तंभ

प्रस्तावना भाषा मानव सभ्यता की सबसे महत्त्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक है। विचारों का आदान-प्रदान, ज्ञान का संचरण, संस्कृति का संरक्षण और भावनाओं की अभिव्यक्ति—इन सभी का आधार भाषा है। किंतु भाषा स्वयं किन तत्वों से निर्मित होती है? उसका सबसे मूल घटक क्या है? इसका उत्तर है—शब्द। जिस प्रकार …

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भाषा: मानव सभ्यता के विकास में संचार से परे एक सांस्कृतिक आधारशिला

प्रस्तावना मानव सभ्यता के विकास में भाषा की भूमिका केवल संचार के माध्यम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारी सामूहिक चेतना, सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक संरचना का मूलभूत आधार है। समकालीन शोध इस तथ्य की पुष्टि करते हैं कि भाषा मनुष्य को अन्य प्राणियों से पृथक करने वाली सबसे …

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वर्ण क्या है? – Varna Kya Hai?

‘वर्ण’ का शाब्दिक अर्थ है “वर्णन करने योग्य” या “आवाज की एक इकाई”। भाषाविज्ञान में वर्ण को ध्वनि की वह इकाई माना जाता है जो उच्चारण द्वारा अभिव्यक्त होती है। हिंदी भाषा में वर्णों को दो भागों में विभाजित किया गया है: हिंदी वर्णमाला में कुल मिलाकर 52 वर्ण माने …

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हिन्दी साहित्य का उद्भव और विकास – Hindi Sahitya: Udbhav, Vikas Aur Itihas-Lekhan Ki Parampara

यदि हम हिन्दी साहित्य को समुचित परिप्रेक्ष्य में समझना चाहें तो यह स्पष्ट हो जाता है कि इसका इतिहास अत्यन्त विस्तृत, समृद्ध और प्राचीन है। सुप्रसिद्ध भाषा वैज्ञानिक डॉ. हरदेव बाहरी के अनुसार हिन्दी का आरम्भ वस्तुतः वैदिक काल से माना जा सकता है। उनके शब्दों में, “वैदिक भाषा ही …

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हिन्‍दी भाषा का उद्भव और विकास – Hindi Bhasha ka Udbhav aur Vikas

हिंदी भाषा का इतिहास एक जटिल और आकर्षक यात्रा है जो सदियों तक फैली हुई है और भारत की समृद्ध भाषाई विरासत को दर्शाती है। यहां हिंदी भाषा के इतिहास और विकास का अवलोकन दिया गया है। प्राचीन जड़ें : हिंदी की जड़ें संस्कृत भाषा में खोजी जा सकती हैं। …

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